भूल चले हम वीरों को

Long Form:

जात पात में क्या रखा है

ऊंच नीच में क्या रखा है

अपने पराए में क्या रखा है

इस देश की धरती पर पैदा हुए

इस बात को याद रखना है

आन पड़े जब शान पे

जान की कीमत भी कम होगी

जीवन न्योछावर कर देंगे

ना सोचेंगे पल एक भी

मां कि गोद दिलाने में

आज़ादी की हवा में सांस लेने में

दे रखी है बलिदान कितनों ने

अंग्रेजों की हुक़ूमत मिटाने को

गुलामी की जंजीर हटाने को

सूनी कितनी मांओ कि गोद हुई है

मोह माया के जाल में

भूल चले हम वीरों को

याद रखना उन देशभक्तों को

गुलामी की….

जिनके कारण हार हुई है

उन भक्तों की देशभक्ति के आगे

नतमस्तक हर शीश हो

ना भूलें हम उनको कभी

जिनके कारण धरती हमारी

पूर्ण रूप से बेदाग हुई है

भगवान की भक्ति से पहले

देशभक्तों कि जयकार हो

Short Form:

इस देश की धरती पर पैदा हुए

इस बात को याद रखना है

आन पड़े जब शान पे

जान की कीमत भी कम होगी

जीवन न्योछावर कर देंगे

ना सोचेंगे पल एक भी

याद रखना उन देशभक्तों को

गुलामी की….

जिनके कारण हार हुई है

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Vinit Kumar Gupta