मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 464जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे……जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे’ सुख -दुःखRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 347भजन करुं तेरो, मेरे हृदय बसो हे राम……भजन करूं तेरो, मेरे हृदय बसो हेRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 408उन्मत होना’ पथ पर ध्येय नहीं……..उन्मत होना’ पथ का ध्येय नहीं। मानवRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 315अधिक तीव्र प्रज्वलित किए आशा के दीप…..अधिक तीव्र’ प्रज्वलित किए आशा के दीप”Read More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 343मूर्धन्य’ जीवंतता का वह……मूर्धन्य’ जीवंतता का वह प्रथम लक्ष्य। सहजताRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 430प्रेम रस” मंजिल सुधी रखूं सहेज……….प्रेम रस” मंजिल सुधी रखूं सहेज। मर्यादाRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 294अंधकार” मोह का जाल हृदय में लिपटा”……..अंधकार” मोह का जाल हृदय में लिपटा”Read More...