Description
मेरी धरोहर, लेखिका अनिता तोमर का प्रथम काव्य-संग्रह है, जो केवल रचनाओं का संकलन नहीं, बल्कि उनकी अंतरात्मा की सजीव अभिव्यक्ति है। यह उन भावों का कोमल पुंज है, जिनका उद्गम हृदय की गहराइयों से हुआ है। इस संग्रह की प्रत्येक कविता मन में उठे अनुभवों, संवेदनाओं और आत्मचिंतन को सहज शब्दों में पिरोती है।
यदि इन रचनाओं के किसी शब्द, पंक्ति अथवा भाव से अनजाने में किसी की भावनाएँ आहत हुई हों, अथवा काव्य-लेखन में कोई त्रुटि रह गई हो, तो लेखिका उसके लिए विनम्रतापूर्वक क्षमायाचना करती हैं।
यह काव्य-संग्रह पाठकों के हृदय में संवेदना, श्रद्धा और आत्मचिंतन की अनुभूति जागृत करे—यही लेखिका की सच्ची कामना है।
About the Author
मैं अनिता तोमर (Anita Tomar) मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) से हूँ और अब रोहतक (हरियाणा) में रहती हूँ। मैं बीएड, एमएड, एमफिल हूँ। मैं बीएड कॉलेज में लेक्चरर के पद पर कार्यरत रह चुकी हूँ, अब अवकाश-प्राप्त होकर गृहिणी की जिम्मेदारी संभाल रही हूँ। मेरा हमेशा से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहित्य में रुझान रहा है। मुझे संगीत सुनना, कविताएँ पढ़ना, टीवी पर कवि सम्मेलन देखना अच्छा लगता था। पुराने समय में मैं हुल्लड़ मुरादाबादी को सुनती थी।
हमेशा से मेरे मन में यह इच्छा रही कि मैं साहित्यिक जगत में कुछ करूँ, लेकिन गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के बीच समय न मिलने के कारण अपने शौक को अंजाम न दे सकी। कुछ समय पूर्व जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद कोरोना काल में मिला अवकाश मेरे अंतर्मन की आवाज़ बन गया और मैंने अपने भावों को शब्दों में ढालना शुरू किया तथा अपने शौक को अंजाम दिया, जो आज एक काव्य के रूप में आपके सामने है, जहाँ मेरे हृदय की अनुभूतियाँ शब्द-सरिता बनकर प्रवाहित हुई हैं।




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