Views 488चाय तो पीने का शौक नहीं मुझेदो लफ़्ज़ों की शायरी:- चाय तो पीने का शौक नहीं मुझे मैं तो तुम्हें देखने आता हूॅं चाय के चुस्की लेते लेते तुमको देखता जाता हूॅं कम्बख्त कब खत्म हो जाता है यह चाय पता नहीं पर क्या करूं तुम्हें देखते देखते मैं खाली कप का भी लुफ्त उठाता हूॅं Related Leave a ReplyCancel reply