shirikaagarwal.gudiaPoem 348Khubsuratiख़ूबसूरती का बयान आसान नहीं तारीफ़ भरे लफ़्ज़ों की मोहताज नहीं ।। कोई सूरत में देखे तो कोई मूर्त में कोई शब्दों में देखे तो कोई जज़्बातों में।। कोई करमों में देखे तो कोई रूह मेंRead More...