Himanshu Kumar jhaPoem 545चरित्र हैं पवित्र तो मोह क्या शरीर का ।। पाप तो भरा पर जिंदगी है शिव का जिंदगी हैं शिव का ।।चरित्र हैं पवित्र तो मोह क्या शरीरRead More...