Haan Humne Bhi Ishq Kiya Hai ( हां हमने भी इश्क़ किया हैं ) - ZorbaBooks
Haan Hamne Bhi ISHQ kiya hai _ COVER FINAL

Haan Humne Bhi Ishq Kiya Hai ( हां हमने भी इश्क़ किया हैं )

by विकास मिश्रा Vikas Mishra

179.00

Genre ,
ISBN 978-81-943110-3-4
Languages Hindi
Pages 158
Cover Paperback

Description

इस किताब में मैंने कुछ भी ऎसा नहीं लिखा है जो आपको न पता हो , बस आपके प्यार और दर्द को अपनी कलम से नया रूप देने की कोशिश कर रहा हूं मैं , आज के दौर में शायद ही कोई ऎसा व्यक्ति होगा जिसने कभी इश्क नहीं किया होगा , मेरे हिसाब से इश्क तो सब करते है बस अंतर इतना होता है कि कुछ लोग कह देते है और कुछ लोग एकतरफा इश्क निभाते रहते हैं , इश्क में पहले प्यार और फिर बेवफाई दोनों को जोड़कर लिखा है मैंने इस किताब में..
यह मेरी पहली किताब है अगर कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ करे…

इश्क के सफर में नींद ऎसी खो गई हैं ,
वो आराम से सोए है ,
मेरी रात लंबी हो गई हैं….

लेखक के बारे में

इंटर पास करने के बाद मै इलाहाबाद कॉम्पटीशन की तैयारी के लिए आ गया और यहां रहकर ही मैंने अपनी एम.ए की पढ़ाई राजनीतिशास्त्र से पूरी की I
कविता , गजल और शायरी सुनने का शौख मुझे बहुत सालो से था और थोड़ा बहुत लिखने का भी शौख था I फिर अचानक इधर मेरे साथ कुछ ऎसी घटना हुई , जिसने मुझे एकबार फिर से कविता , गजल और शायरी की तरफ मोड़ दिया और मै फिर से लिखने लगा I लेकिन अब मै इसे मारना नहीं चाहता बल्कि हर रोज इसे एक नया रूप देकर जिंदा रखना चाहता हूं I मै अपने घर वालों को भी सलाम करता हूं जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा साथ दिया है….
हां मानता हूं अभी नाकामयाब हूं अपनी जिंदगी में , पर एक दिन कामयाबी चलकर खुद मेरे द्वार आयोगी ये यक़ीन है मुझेI

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