Boond Book Cover_FINAL S

Boond बूँद

by करुणा जैन

₹120.00

ISBN 978-93-88497-21-3
Languages Hindi
Pages 74
Cover Paperback

Product Description

इस अंतर में
शब्दों के
कुछ फूल हैं बिखरे

कुछ उछल-उछल कर
छलक गए

कुछ कोरे कागज पर
गिर निखर गए

कुछ खुश्बू बन
महक गए

कुछ बन बूँद
बरस गए

 

About the Author

करुणा, अपने नाम के अनुरूप, प्रेम का साकार स्वरूप है।

करुणा की शिक्षा अधिकतर अनौपचारिक रूप से घर पर ही हुई। गहन चिंतन और मनन की प्रवृत्ति के फलस्वरूप लेखन में गहन रुचि बाल्यकाल से ही रही।

अपनी कविताओं में अपनी सरल भावनाओं को व्यक्त करने में, छंद-अलंकार के परे, विधि अथवा आकार की सीमाओं से भी परे, उनकी सादगी और सरलता की झलक दिखाई देती है।

********

Karuna, as the name suggests, is herself, all love and compassion.

Karuna has largely been, non- formally, home schooled, and the quest for deep, clear seeing has been her nature right from childhood.

Her poetry of affection, without being bound by the style or structure of traditional verse, is a strong expression of this simplicity.

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Boond बूँद”

*