Himanshu Kumar jhaShayari 613ख्यालों में मुझे तुमने बांधा थाख्यालों में मुझे तुमने बांधा था मैंRead More...
Himanshu Kumar jhaShayari 483चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,चुपके से आकर इस दिल में उतरRead More...
Himanshu Kumar jhaShayari 552तलाश मेरे पूरी थी पर भटक वो रही थी.तलाश मेरे पूरी थी पर भटक वो रहीRead More...
Himanshu Kumar jhaShayari 488चाय तो पीने का शौक नहीं मुझेदो लफ़्ज़ों की शायरी:- चाय तो पीनेRead More...
Himanshu Kumar jhaShayari 422संघर्ष बिना गुजारा नहींशायरी संघर्ष बिना गुजारा नहीं, हौसला बिनाRead More...