मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 312परिपाटी जो अब नया चला हैं जीने का,परिपाटी जो अब नया चला हैं जीनेRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Stories 558श्रृतुंजा……(Friend are forever)श्रृतुंजा! हां, उसका यही नाम था औरRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 268हे रघुनाथ, दास तुम्हारा हूं…….हे रघुनाथ, दास तुम्हारा हूं, हे असुरRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 323बनाते हुए चलूं, राह में सपनों को’बनाते हुए चलूं, राह में सपनों को’Read More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 338सपने, आए इंद्र धनुष से’ सतरंगी’सपने, आए इंद्र धनुष से’ सतरंगी’ इच्छाओंRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 318अनुरागी हम है रे, राम नाम धुन के…..अनुरागी हम है रे, राम नाम धुनRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 256चरणों में रमा रहूं प्रभु जी………चरणों में रमा रहूं’ प्रभु जी’ राघवRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 276जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे……जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे’ सुख -दुःखRead More...