Mahakavi Kaalidas Virchit महाकवि कालिदास विरचित - ZorbaBooks

Mahakavi Kaalidas Virchit महाकवि कालिदास विरचित

by काव्यात्मक अभिव्यक्ति - पवन कु मार

199.00

E-Book Price ₹99 / $3.99

ISBN 978-93-90011-11-7
Languages Hindi
Pages 182
Cover Paperback
E-Book Available

Description

Books by Mahakavi Kalidas Translated into Hindi

परम्परा के अनुसार कालिदास उज्जयिनी के ईसा से 57 वर्ष पूर्व विक्रम संवत् चलाने वाले राजा विक्रमादित्य के राजदरबारी कवि थे और इन्हें उनके नवरत्नों में से एक माना जाता है। कुछ इतिहासकार कालिदास को स्वर्णयुग शासनकाल की चौथी शताब्दी के गुप्त शासक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य और उनके उत्तराधिकारी कुमारगुप्त से जोड़ते हैं। उनकी विश्व-प्रसिद्ध रचनाऐं मेघदूतम, कुमार-संभव व ऋतु-संहार अनुपम प्रकृति-सौंदर्य व मनोभावों के एकत्रण हैं और शताब्दियों से साहित्य-प्रेमियों तथा आम जन को आकर्षित करती रही हैं। प्रस्तुत कृति महाकवि के इन काव्यों का नवीन पद्यमयी हिंदी-रूपांतर है, जिसे पवन कुमार ने रचा है। आशा है पाठकगण इसे पसंद करेंगे।

Read the life story of Kalidasa

About the Author

भारतीय केंद्रीय इंजीनियरिंग सर्विसेज (सी० ई० एस०) के माध्यम से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में सेवारत। भारत एवं दिल्ली सरकार के विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए वर्तमान में अधिशाषी अभियंता के पद पर आसीन। कार्यालय व परियोजना कार्यों के बाद मिले रिक्त समय में पठन-लेखन, ब्लॉगिंग  द्वारा, यथासंभव साहित्य-साधना का प्रयास।

Name : Pawan Kumar
Birth : Sonepat (Haryana)
Education : Graduate in Civil Engineering, Post Graduate in Construction Management, Masters in
Business Management
In service with Central Public Works Department, Government of India through Central Engineering Services (C.E.S.). Presently posted as Superintending Engineer (Civil) with having working experience in various positions with Govt. of Delhi and Govt. of India. Dedicated to literature service through reading & writing, blogging to the possible extent in the available spare time after office & project works.

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