मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 287परिपाटी जो अब नया चला हैं जीने का,परिपाटी जो अब नया चला हैं जीनेRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Stories 535श्रृतुंजा……(Friend are forever)श्रृतुंजा! हां, उसका यही नाम था औरRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 248हे रघुनाथ, दास तुम्हारा हूं…….हे रघुनाथ, दास तुम्हारा हूं, हे असुरRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 302बनाते हुए चलूं, राह में सपनों को’बनाते हुए चलूं, राह में सपनों को’Read More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 318सपने, आए इंद्र धनुष से’ सतरंगी’सपने, आए इंद्र धनुष से’ सतरंगी’ इच्छाओंRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 289अनुरागी हम है रे, राम नाम धुन के…..अनुरागी हम है रे, राम नाम धुनRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 238चरणों में रमा रहूं प्रभु जी………चरणों में रमा रहूं’ प्रभु जी’ राघवRead More...
मदन मोहन'मैत्रेय'Poem 269जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे……जीवन चंचल” चले अनुमान सहारे’ सुख -दुःखRead More...